शेयर करें...
कबीरधाम// छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर में तनावपूर्ण शांति है। प्रशासन ने कर्फ्यू में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक के लिए ढील दी थी। अचानक से मिली इस छूट का पता लोगों को देर से चल सका। वहीं इस उपद्रव को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पुलिस ने भाजपा सांसद संतोष पांडेय, पूर्व CM डॉ. रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह सहित 14 भाजपा नेताओं पर अशांति फैलाने के आरोप में FIR दर्ज की है। अल्पसंख्यक आयोग ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर 9 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।
शहर में 5 अक्टूबर को हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने 3 अलग-अलग FIR दर्ज की थी। भाजपा ने जब FIR की कॉपी कोर्ट से निकलवाई, तो पता चला कि वरिष्ठ नेताओं का नाम भी जोड़े गए हैं। इनमें सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, अशोक साहू, प्रदेश मंत्री विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष पीयूष ठाकुर, VHP जिला प्रमुख नंदलाल चंद्राकर सहित कैलाश चंद्रवंशी, राजेंद्र चंद्रवंशी, पन्ना चंद्रवंशी, उमंग पांडेय, राहुल चौरसिया, भुनेश्वर चंद्राकर के नाम शामिल हैं।
अल्पसंख्यक आयोग ने पूछा- क्या नियंत्रण में है स्थिति?
इस पूरे उपद्रव के बाद अब छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग भी सक्रिय हो गया है। आयोग के अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा ने कवर्धा कलेक्टर को पत्र लिखकर 9 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। 7 अक्टूबर को लिखे गए इस पत्र में पूछा गया है कि दंगा भड़काने के मूल कारण क्या था? क्या अब स्थिति नियंत्रण में है? माना जा रहा है कि आयोग की टीम जिले का दौरा कर सकती है।
- सांप्रदायिक दंगा भड़कने का मूल कारण क्या है? आज तक कितने दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया?
- जिले में सांप्रदायिक सद्भाव फिर से स्थापित करने के लिए क्या समुदायों के प्रमुख और दोनों गुटों के बीव शांति समिति की बैठक की गई?
- क्या CCTV फुटेज की सहायता से दंगाइयों की पहचान हो पाई है? और उन पर क्या कार्रवाई की गई?
- दंगा प्रभावित क्षेत्र में कलेक्टर ने धारा-144 लागू कर दी थी, इसके बाद भी एक पक्ष ने रैली निकाली। इसकी अनुमति किसने प्रदान की?
- सांप्रदायिक दंगा 5 अक्टूबर को हुए नुकसान का अनुमान लगाने के लिए क्या किसी समिति का गठन किया गया है?
- क्या पीड़ितों की पहचान कर उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने के लिए कोई मुआवजा राशि प्रदान की गई? अगर नहीं तो तत्काल राहत देने के लिए क्या किया गया?
- जिले में धारा-144 लागू होने के बाद भी जिले के बाहर से बड़ी संख्या में लोग कैसे अंदर प्रवेश कर गए?
- क्या जिले की वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है? यह दंगा फिर से नहीं भड़के, इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
- पीड़ित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रशासकीय स्तर पर क्या कदम उठाए गए हैं?
झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ था हंगामा
पूरा विवाद वार्ड नंबर 27 के लोहारा नाका चौक इलाके में झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ था। रविवार दोपहर कुछ युवकों ने अपना झंडा चौराहे पर लगा दिया। इसी बात को लेकर दो गुटों के युवक सड़क पर लाठी-डंडे लेकर उतर आए। एक दूसरे को पीटा। पत्थरबाजी हुई। पुलिस की आंखों के सामने एक युवक को भीड़ पीटती रही। मारपीट में 8 लोग घायल हुए हैं। इनका इलाज कवर्धा के अस्पताल में कराया जा रहा है। इसके बाद सोमवार को शांति समिति की बैठक भी बुलाई गई थी।



