IPS संतोष सिंह की अनूठी पहल : “ट्रैफिक नियम तोड़ा, तो यातायात की पाठशाला में करनी होगी पढ़ाई”, वर्दी वाले सर लेंगे क्लास, टेस्ट में होगे पास, तो जुर्माना माफ..

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बिलासपुर/ IPS संतोष सिंह नये तरीके की पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। सख्ती के बजाय समाजिक बदलाव से अपराध नियंत्रण पर यकीन रखने वाले IPS संतोष सिंह ने समाज में बदलाव के लिए कई पहल की है। नशे के खिलाफ उनका निजात अभियान जहां राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में रहा है, तो वहीं एक रक्षा सूत्र मास्क का भी कोरोना काल में बेहद चर्चाओं में रहा। इसी कड़ी में बिलासपुर में उन्होंने ट्रैफिक नियम के पालन को लेकर अनूठा अभियान शुरू किया है।

बिलासपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए “ट्रैफिक की पाठशाला” लगायी जा रही है। पुलिस की इस खास पाठशाला ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की आधे घंटे तक क्लास ली जाती है। उन्हें ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाती है। आधे घंटे के क्लास के बाद ट्रैफिक नियम का ज्ञान परखने के लिए उनका टेस्ट लिया जाता है और फिर टेस्ट में पास होने पर उन्हें जाने की इजाजत दे दी जाती है। अगर इस दौरान जो सही जवाब नहीं दे पाते हैं, उन्हें ये मान लिया जाता है, उन्होंने अच्छे से पाठशाला में पुलिसकर्मियों की ट्रैफिक की क्लास में भाग नहीं लिया है, लिहाजा फिर से आधे घंटे उन्हें यही क्लास करनी पड़ती है। इस दौरान नियम तोड़ने वालों को पुलिसकर्मी चाय-पानी भी पिलाते हैं।

एसपी संतोष सिंह ने बताया क्यों पाठशाला जरूरी

बिलासपुर के एसपी संतोष सिंह ने बताया कि मैंने कई जिलों में ये देखा है कि लोग जुर्माना दे देते हैं, लेकिन नियमों को लेकर गंभीर नहीं होते। मतलब उन्हें पैसे देना मंजूर है, लेकिन सुधरना मंजूर नहीं है। इसलिए मैंने बिलासपुर में यातायात की पाठशाला शुरू की है। जिसमें आधे-आधे घंटे की पुलिस अधिकारी नियम तोड़ने वालों की क्लास लेते हैं। आॉडियो, वीडियो और संकेतकों के बारे में उन्हें जानकारी दी जाती है। जेब्रा क्रासिग की महत्ता उन्हें बतायी जाती है। आधे घंटे तक क्लास के बाद उनसे मौखिक पूछताछ की जाती है, जो सही जानकारी देते हैं, उन्हे बिना जुर्माना माफ कर दिया जाता है। अगर टेस्ट पास नहीं करता है, तो फिर से उन्हे आधे घंटे का क्लास कराया जाता है। हमारा मकसद सिर्फ जुर्माना वसूली नहीं, बल्कि युवाओं की सोच में बदलाव लाना है।

यातायात की पाठशाला में क्या-क्या मिलता है ज्ञान

यातायात की पाठशाला में पुलिस अधिकारी नियम तोड़ने वाले उन्हें ट्रैफिक में लगे संकेतकों की जानकारी देते हैं। उन्हें ट्रैफिक नियम, सड़क हादसों के आंकड़ों और जुर्माने की जानकारी देते हैं। आधे घंटे की ये क्लास होती है। जिसके बाद पुलिस अधिकारी सभी से बारी-बारी से ट्रैफिक नियमों से जुड़ी जानकारी पूछते हैं। जानकारी देने पर उनका जुर्माना माफ हो जाता है।

बिलासपुर पुलिस की अनूठी पहल

बिलासपुर पुलिस द्वारा अभिनव पहल करते हुए सड़क पर ट्रैफिक नियम के उल्लंघन पर जुर्माना की जगह लगाई जा रही है, यातायात की पाठशाला। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चौक-चौराहे पर नियमों का उल्लंघन करने वालों की वही आधे घंटे की क्लास में यातायात के संकेतकों, ट्रैफिक-सेंस की जानकारी व नियमों के अनदेखी के दुष्परिणामों के वीडियो भी दिखाया जा रहा है। उसके बाद एक मौखिक टेस्ट, पास करने पर जुर्माना नहीं लिया जा रहा, नहीं तो पुनः क्लास। यातायात जागरूकता की दिशा में इस एक नई पहल से संदेश दिया जा रहा हैं की आओ हम सब मिल कर जिम्मेदार नागरिक बनें। यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित सफर का आनंद उठाएं।

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