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सारंगढ़ बिलाईगढ़// बरमकेला अंचल के सांस्कृतिक और धार्मिक ग्राम कुम्हारी में गणेशोत्सव के अवसर पर आयोजित पंचम वर्ष का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन यादगार बन गया। रिमझिम बारिश के बावजूद कविता और हास्य के दीवाने बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और देर रात तक कवियों की रचनाओं का आनंद लेते रहे। हास्य, ओज, श्रृंगार और साहित्य से सजी इस शाम ने पूरे माहौल को काव्यमय बना दिया।
कवि सम्मेलन का संचालन प्रसिद्ध हास्य कवि शशिभूषण स्नेही ने किया। वहीं देशभर में अपनी हास्य कविताओं से पहचान बना चुके ‘वाह भाई वाह’ फेम हास्य कवि हीरामणि वैष्णव ने अपने अंदाज से श्रोताओं को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुति पर पंडाल में लगातार तालियां और ठहाके गूंजते रहे।
वरिष्ठ साहित्यकार कासीपुरी कुंदन ने अपनी साहित्यिक हास्य रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। वहीं ओज कवि छम्मन दास महंत ने जोशीली कविताओं के जरिए माहौल में ऊर्जा भर दी। श्रृंगार कवयित्री प्रीति रात्रे ने सुमधुर गीतों और प्रेम की भावनाओं से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया।
बरमकेला क्षेत्र को साहित्य से जोड़ने की दिशा में सक्रिय कुम्हारी के हास्य कवि कमलेश यादव ‘धाकड़’ ने भी अपनी हास्य रचनाओं से खूब गुदगुदाया। वहीं काव्य प्रेमी छबिलाल पटेल ने भी अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। बारिश के बीच भी श्रोताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग कवियों को सुनने के लिए कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि आचार्य डॉ. कीर्तन सूपकार ने कवियों, अतिथियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को आशीर्वाद दिया। आयोजकों के अनुसार कुम्हारी में लगातार पांचवें वर्ष आयोजित यह कवि सम्मेलन श्रोताओं के उत्साह और साहित्य प्रेम के कारण सफल रहा। गणेशोत्सव के मौके पर आयोजित इस आयोजन ने कुम्हारी की सांस्कृतिक पहचान को एक बार फिर मजबूत किया।


